Friday, 25 October 2019

बीसीसीआई से जुड़ते ही इस दिग्गज ने आईसीसी को कहा, हमारे बिना नहीं है तुम्हारा वजूद

केट जगत का सबसे धनवान क्रिकेट बोर्ड भारतीय क्रिकेट क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड का एक खास स्थान है। बीसीसीआई की अपार धनी छवि के कारण आईसीसी में भी खास पूछ है और इनके बिना कई बार आईसीसी को अपने बड़े फैसले लेने से पीछे हटना पड़ा है ऐसे में साफ है बीसीसीआई के बिना आईसीसी अपने आपको कैसा महसूस करता होगा।

आईसीसी को बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरूण धूमल की खरी-खरी

कई बार बीसीसीआई और आईसीसी को आमने-सामने देखा गया है जिसमें ज्यादातर बार आईसीसी को ही पहले झुकना पड़ा है।


बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रहे अनुराग ठाकुर के भाई अरुण धूमल हाल ही में बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। अरूण धूमल ने पद संभालने ही आईसीसी को वैश्विक मामले को लेकर बड़ी सलाह दी है। धूमल ने दो टूक कहा कि आईसीसी के नीतियों के निर्धारण में भारत की भूमिका नहीं होना चिंता की बात है।

आईसीसी हमारे बिना नहीं कर सकती है कोई काम

अरूण धूमल ने कहा कि

'क्या हमने कल्पना की थी कि आईसीसी के खाके के निर्धारण में बीसीसीआई का कोई मत नहीं होगा। कभी इसकी कल्पना नहीं की गई थी। बीसीसीआई के बिना आईसीसी क्या है? '


आईसीसी के नए फिचर टूर शेड्यूल के तहत हर तीन साल में विश्व कप और हर साल टी20 विश्व कप कराने की योजना है लेकिन बीसीसीआई इसके साथ नहीं है। धूमल ने कहा कि

' हम टूर्नामेंटोंं की संख्या बढ़ाने के संदर्भ में आईसीसी के नए प्रस्ताव से सहमत नहीं है। गैरजरूरी खर्चों पर लगाम कसना प्राथमिकता में शीर्ष पर है। वो इस पैसे का इस्तेमाल प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की। वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए करना चाहते हैं।'

पहला लक्ष्य है बीसीसीआई के राजस्व का ध्यान रखने पर

बीसीसीआई के नए कोषाध्यक्ष ने आगे कहा कि

' मेरा लक्ष्य बीसीसीआई के राजस्व में इजाफा करना है। क्योंकि राजस्व स्थिर हो गया है। जबकि खर्चों में इजाफा हुआ है। प्रशासनिक और विविध खर्चों पर ध्यान देने की जरूरत है।'


' हमें राजस्व में इजाफा करने की जरूरत है जिससे कि प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों को फायदा हो सके क्योंकि हम उनके बीच अधिक राशि वितरित कर पाएंगे। क्योंंकि उनका ध्यान रखने की जरूरत है।'